UP News: आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की, चमकेगी अब किस्मत मानदेय बढ़ाने का बड़ा एलान!
उत्तर प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सरकार के द्बारा सामने आ रही है। सरकार ने लंबे समय से लंबित उनकी मांग को स्वीकार करते हुए मानदेय (Mandey) में बड़ी वृद्धि का एलान कर दिया है। जानिए आखिर किसकी कितनी सैलरी बढ़ेगी और यह नया नियम कब से काम करेगा
1. मानदेय में कितनी होगी वृद्धि?
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर मुहर लगा दी है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके पुराने मानदेय के मुकाबले लगभग 1,500 से 2,500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं आशा कार्यकर्ताओं के इंसेंटिव और फिक्स मानदेय में भी संतोषजनक बढ़ोतरी की गई है।
2. मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को भी तोहफा
सरकार ने सिर्फ मुख्य कार्यकर्ताओं का ही नहीं, बल्कि मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का भी ध्यान रखा है। सहायिकाओं के मानदेय में भी लगभग 1,000 रुपये की वृद्धि की जा रही है। यह कदम जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन महिलाओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए उठाया गया है जो घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं को पहुंचाती हैं।
3. चुनावी साल में बड़ा मास्टरस्ट्रोक
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए यह सरकार का एक बड़ा चुनावी दांव है। प्रदेश में लगभग 4 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता हैं, जो एक बड़ा वोट बैंक मानी जाती हैं। पिछले काफी समय से ये कार्यकर्ता लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन कर रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
4. अन्य मिलने वाले लाभ
मानदेय के साथ-साथ सरकार कुछ अन्य सुविधाओं पर भी विचार कर रही है:
- स्मार्टफोन वितरण: डेटा एंट्री के काम को आसान बनाने के लिए नई कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे।
- बीमा कवर: ड्यूटी के दौरान किसी अनहोनी पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बीमा योजना का लाभ।
- पदोन्नति (Promotion): अनुभवी सहायिकाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर प्रमोट करने की प्रक्रिया तेज होगी।
5. कब से मिलेगा यह बढ़ा हुआ पैसा?
प्रस्ताव के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय अगले महीने की सैलरी के साथ जुड़कर आ सकता है। सरकार जल्द ही इसका आधिकारिक शासनादेश (Official Notification) जारी कर देगी। इससे कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में सीधे 'डीबीटी' (DBT) के जरिए पैसा भेजा जाएगा।
निष्कर्ष: Khabar Ab Tak 024 की राय
आंगनबाड़ी और आशा बहनें कड़ी धूप और बरसात में भी गांव-गांव जाकर काम करती हैं। उनके काम को देखते हुए यह वृद्धि बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। देर आए दुरुस्त आए, सरकार का यह फैसला सराहनीय है।
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