IT Job Loss 2025: AI + GCC का तूफ़ान! 5 लाख नौकरियों पर मंडरा रहा खतरा
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📉 IT सेक्टर के लिए मुश्किल समय
भारत का IT सेक्टर एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां Artificial Intelligence (AI) और Global Capability Centres (GCC) मिलकर नौकरी के पुराने मॉडल को बदल रहे हैं। हाल ही में Tata Consultancy Services (TCS) ने 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा कर दी है, जो उनकी कुल कार्यबल का करीब 2% है। यह संकेत है कि बड़े बदलाव आने वाले हैं।
उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में लगभग 5 लाख मिड-लेवल IT प्रोफेशनल्स को नौकरी खोने का खतरा है।
🤖 AI का सीधा असर
AI तेजी से उन कामों को संभाल रहा है जो पहले इंसान करते थे — जैसे कोडिंग,करना टेस्टिंग, डेटा एंट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट। ServiceNow की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत में 1.8 करोड़ नौकरियां AI से प्रभावित हो सकती हैं।
इस बदलाव के सकारात्मक पहलू भी हैं — लगभग 3 लाख नई AI-संबंधित नौकरियां बनेंगी। लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को डेटा साइंस मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में स्किल हासिल करनी होगी।
🏢 GCC का डबल इम्पैक्ट
GCC यानी Global Capability Centres, भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हैं। Deloitte के अनुसार, 2025 में ही यह सेक्टर 4.25–4.5 लाख नई नौकरियां बना सकता है, और 2030 तक 50 लाख डायरेक्ट रोजगार देने की क्षमता रखता है।
लेकिन GCCs अब ज्यादा स्किल्ड और डोमेन-विशेष रोल के लिए भर्ती कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक IT आउटसोर्सिंग कंपनियों के मिड-लेवल कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है।
📊 5 लाख नौकरियों पर खतरा क्यों?
- AI के कारण रिपिटिटिव कार्यों का ऑटोमेशन
- GCCs द्वारा उच्च-स्किल टैलेंट की मांग, एंट्री-लेवल भर्ती में कमी
- आउटसोर्सिंग मॉडल का कमजोर होना
- पुराने स्किल्स का मार्केट में कम महत्व
💡 बचाव के उपाय
अगर आप IT सेक्टर में हैं। तो स्किल को अपडेट करना अब जरूरी है।
- Upskilling: AI/ML, क्लाउड, डेटा एनालिटिक्स में ट्रेनिंग लें।
- Domain Knowledge: हेल्थकेयर IT, फिनटेक, एडटेक जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल जरूर करें।
- Soft Skills: प्रॉब्लम सॉल्विंग, लीडरशिप और क्रिएटिव थिंकिंग पर काम करें।
📌 निष्कर्ष
AI और GCC का यह मेल भारतीय IT इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ है। यह बदलाव उन लोगों के लिए अवसर है जो खुद को नए स्किल्स से लैस करेंगे लेकिन चेतावनी है उनके लिए जो पुराने तरीकों पर टिके रहेंगे।
आज का समय “अपग्रेड या आउटडेट” का है — जो लोग बदलाव को अपनाएंगे, वही भविष्य में आगे बढ़ेंगे।
Update 2025
भारत के आईटी सेक्टर में 2025 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Artificial Intelligence (AI) और Global Capability Centers (GCC) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने लोगों की लाखों नौकरियों पर संकट खड़ा कर दिया है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले वर्षों में लगभग 5 लाख आईटी प्रोफेशनल्स की नौकरियां यह प्रभावित कर सकता हैं।
AI तकनीक के आने से कंपनियां कई प्रोसेसेस को ऑटोमेट कर रही हैं जिससे पारंपरिक कोडिंग टेस्टिंग और सपोर्ट रोल्स की मांग घट रही है। वहीं GCC यानी बड़ी कंपनियों के इन-हाउस टेक सेंटर्स ग्लोबल लेवल पर ऑपरेशन्स संभाल रहे हैं जिससे आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट्स की संख्या भी कम होती जा रही है। इसका सीधा असर भारत के आईटी जॉब मार्केट पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव के दौर में Upskilling और Reskilling ही एकमात्र समाधान है। AI, Data Science, Cloud Computing और Cybersecurity जैसे क्षेत्रों में स्किल हासिल करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए अभी भी अच्छे अवसर मौजूद हैं।
अगर समय रहते आईटी प्रोफेशनल्स ने खुद को नई तकनीकों के साथ अपडेट नहीं किया तो फिर आने वाले समय में नौकरियां खोने का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों के प्रशिक्षण में निवेश बढ़ाना चाहिए ताकि वे इस AI + GCC के तूफान का सामना कर सकें।
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