SPIR 2025 रिपोर्ट: पुलिस टॉर्चर और भरोसे की सच्चाई!
नई Status of Policing in India Report (SPIR) 2025 में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — हर 4 में से 1 पुलिसकर्मी टॉर्चर को "बहुत ज़रूरी" मानता है। साथ ही 35% पुलिसकर्मी इसे "कुछ हद तक जरूरी" कहते हैं। पुलिस की यह मानसिकता बताती है कि पुलिस सुधारों की सख्त ज़रूरत है।
मुख्य बाते :
- 🔴 25% पुलिसकर्मी टॉर्चर को सही मानते हैं
- ⚠️ एक तिहाई भीड़ हिंसा को समर्थन देते हैं
- 📉 पुलिस थानों में मानवाधिकार जागरूकता की भारी कमी
रिपोर्ट के अनुसार:
रिपोर्ट में बताया गया कि कई पुलिसकर्मी जाति और धर्म से बहुत जायदा भेद भाव रखते है और छोटी जाती के लोगों से भी नफरत करते। SPIR 2025 ने सुधार के लिए ट्रैनिंग, जवाबदेही और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की सिफारिश की है।
क्या बदलना चाहिए?
भारत में पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही लाना अब वक्त की मांग है। टॉर्चर और उत्पीड़न जैसे विषयों पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।
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