PGI Chandigarh में टेलीमेडिसिन डिपार्टमेंट के भविष्य पर संकट – क्यों नहीं मिल रही शैक्षणिक मान्यता?
भारत में डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने के तमाम प्रयासों के बावजूद, PGI Chandigarh का टेलीमेडिसिन डिपार्टमेंट अब भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है।
🔴 16 साल बाद भी "गेस्ट डिपार्टमेंट"!
PGIMER का टेलीमेडिसिन विभाग 16 वर्षों से कार्यरत है, लेकिन इसे आज तक शैक्षणिक मान्यता नहीं दी गई है। न ही इसमें मेडिकल एजुकेशन का कोई पाठ्यक्रम चल रहा है।
❓ डॉक्टरों की नाराज़गी क्यों?
- डॉक्टर्स का कहना है कि जब देशभर में टेलीहेल्थ को बढ़ावा मिल रहा है, तो पीजीआई जैसी संस्थान इसे पीछे क्यों रख रहा है?
- इस विभाग में कोई स्वतंत्र स्टाफिंग नहीं, हैं। न ही कोई स्थायी बजट।
📢 क्या है इसका असर?
अगर इतने बड़े संस्थान में टेलीमेडिसिन को नजरअंदाज़ किया जाएगा, तो देशभर में इसकी गंभीरता और जरूरत पर सवाल उठ सकते हैं।
✅ इसका समाधान क्या हो सकता है?
- PGI को चाहिए कि वह इसको स्वतंत्र अकादमिक डिपार्टमेंट घोषित करे
- मेडिकल काउंसिल द्वारा टेलीमेडिसिन में कोर्स और रिसर्च की शुरुआत करे
Update 2025
PGI Chandigarh का टेलीमेडिसिन डिपार्टमेंट 2025 में भी अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है। मुख्य समस्या क्या है – शैक्षणिक मान्यता (Academic Recognition) का अभाव। बिना इस मान्यता के, विभाग न तो नए छात्रों को प्रशिक्षण दे सकता है और न ही उच्च स्तरीय शोध परियोजनाएं चला सकता है।
पिछले वर्षों में इस डिपार्टमेंट ने ग्रामीण और दूर-दराज़ इलाकों के हजारों मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं दी हैं। आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह विभाग देश के कई हिस्सों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। लेकिन मान्यता न मिलने से इसके विस्तार और विकास की गति पर रोक लगी हुई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मान्यता की फाइल अभी संबंधित प्राधिकरणों के पास विचाराधीन है। अगर मान्यता मिल जाती है, तो यहां Postgraduate Courses, रिसर्च प्रोग्राम और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन शुरू किए जा सकेंगे। इसके साथ ही PGI का टेलीमेडिसिन डिपार्टमेंट देश के अन्य मेडिकल संस्थानों और कॉलेजों से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाओं का विस्तार बड़ा सकेगा।
मरीजों, डॉक्टरों और छात्रों की निगाहें अब सरकार और मेडिकल काउंसिल के फैसले पर टिकी हैं। उम्मीद यह की जा रही है कि जल्द से जल्द कोई सकारात्मक निर्णय होगा जिससे यह विभाग टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर पाएगा।
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