काश हर फ़रियादी को ऐसा कलेक्टर मिले – जब लड़की रो पड़ी IAS अफसर ने खुद उठाया इलाज का खर्च
सिस्टम में बैठे अफसर अगर संवेदनशील हो जाएं तो कोई भी मजबूर इंसान अकेला नहीं महसूस करता। कुछ ऐसा ही नज़ारा उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में देखने को मिला जहां एक रोती हुई लड़की की मदद करने के लिए जिले के कलेक्टर ने इंसानियत की मिसाल पेश कर दी।
DM उमेश मिश्रा जनसुनवाई कर रहे थे। तभी एक गरीब लड़की वहाँ पहुँची और रोते हुए अपनी समस्या बताई – उसकी आंखों में मोतियाबिंद है। लेकिन इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं और ना ही कोई सहारा।
यह सुनकर DM उमेश मिश्रा की भी आंखें भर आईं। उन्होंने तुरंत बिना कोई देर किए लड़की को अपनी सरकारी गाड़ी से नज़दीकी नेत्र चिकित्सालय भिजवाया। यही नहीं उन्होंने डॉक्टर से फ़ोन पर बात करके तुरंत इलाज शुरू करने का आदेश भी दिया।
सबसे खास बात यह रही कि कलेक्टर साहब ने लड़की को भरोसा दिया – "आज के ज़माने में इलाज के अच्छे साधन हैं चिंता मत करो। जितना भी खर्च होगा मैं खुद करवाऊंगा।
IAS उमेश मिश्रा – एक अफसर एक फरिश्ता
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी तेजी से जगह बनाई है। बहुत से लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए DM साहब के कदम को सराहा और कहा कि अगर हर अधिकारी ऐसा हो तो आम जनता का भरोसा सिस्टम पर फिर से लौट सकता है।
नीचे दिए गए वीडियो में आप खुद देख सकते हैं इस पूरे भावुक पल को, जहां एक अफसर की इंसानियत एक लड़की के लिए उम्मीद की किरण बन गई:
🔗 वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें
इस घटना ने हमें सिखाया कि एक अच्छा अफसर सिर्फ ड्यूटी नहीं निभाता बल्कि जिम्मेदारी भी समझता है। और यही फर्क बनाता है उनको ‘सरकारी बाबू से ‘जनता का मसीहा।
ऐसे अफसरों से ही बनता है विश्वास
जब सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक तभी पहुँचती हैं। जब बीच में कोई अफसर दिल से काम करता है। IAS उमेश मिश्रा जैसे लोग आज सिस्टम की उम्मीद हैं। उम्मीद है कि देशभर में और भी अधिकारी इस तरह इंसानियत और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे।
🙏 इस पोस्ट को शेयर करके ऐसे जज़्बे को सलाम करें और उम्मीद फैलाएं!
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