Baby John review: यह कैसा क्लाइमेक्स है पुष्पा 2 को छोड़कर बेबी जॉन देखने का बना रहे हैं मन: क्रिसमस के त्यौहार पर आमिर खान नहीं बल्कि वरुण धवन आए हैं दर्शकों के बीच लंबे समय से चर्चा में बनी हुई है उनकी फिल्म देवी जॉन 25 दिसंबर को सिनेमाघर में रिलीज हो चुकी हैं इस मूवी का ट्रेलर तो काफी दमदार था लेकिन क्या वरुण कीर्ति सुरेश और भूमिका गब्बी के साथ आप थिएटर में क्रिसमस माना सकते हैं
सिमता श्रीवास्तव मुंबई: फिल्म बेबी जॉन ऐसी समय में रिलीज हुई है जब पुष्पा 2 द रूल बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं यह साल 2016 में आई थालापति विजय सामंथा और एमी जंक्शन अभिनीत फिल्म तेरी की देरी की रीमिक्स है इस साल रिलीज रीमेक फिल्म सरफिरा खेल-खेल में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी बेबी जॉन भी तमाम कोशिश के बाद भी प्रभाव नहीं कर पाती है। शाहरुख खान के साथ मनोरंजन की मसाले से भरपूर जवान बनाई थी अब इटली के असिस्टेंस रहे कालीस ने फिल्म के निर्देशन की बागडोर संभाली है जबकि इटली इस बार निर्माता की भूमिका में हैं।
क्या है वरुण धवन की फिल्म बेबी जॉन की कहानी: कहानी केरल में सेट है जॉन वरुण धवन अपनी बेटी खुशी जा रहा डिजाइनर कुत्ते टाइगर और रामसेवक राजपाल यादव के साथ रहता है एकनाथ की घटनाक्रम में खुशी की टीचर तारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराती है दरअसल एक नाबालिक बच्ची का कुछ गुंडे पीछा कर रहे होते हैं तारा बच्ची को लेकर थाने जाती है ना चाहते हुए भी जॉनको पुलिस स्टेशन आना पड़ता है।
रात में कुछ गुंडे जॉन के घर पहुंचते हैं जब वह खुशी को उठाने की बात है तो सीधा-साढे दिखने वाले जॉन का असली चेहरा सामने आता है वह सभी गुंडों को मारकर चित्र कर देता है तारा को पता चलता है की जॉन पर्व आईपीएस है बह रामसेवक सी जॉन के पिछली जिंदगी के बारे में पूछती है वह से जॉन की जिंदगी की सारी जानकारी सामने आना शुरू हो जाती है जॉन उर्फ सत्य वर्मा निडर पुलिस अधिकारी होता है।
उसने लड़कियों की तस्करी करने वाले गेम के सरगना नाना जैकी श्रॉफ के बेटे को मारा होता है जिसने नाबालिक लड़की का रेप किया होता है प्रतिशोध में जल रहा नाना उसकी पत्नी और मां को मार देता है अपनी पहचान बदलकर रह रहे सत्या के बारे में नाना को पता चलता है बाय सत्या की जिंदगी उजाड़ने फिर आता है लेकिन क्या वह अपने मंसूबों में कामयाब होगा कहानी इसी से संबंधित है।
कहानी कमजोर बेकार डायलॉग : मूक फिल्म थेरी देख चुके दर्शकों को बेबी जॉन देख कर काफी निराशा हगी बेबी जॉनको मूल फिल्म से अलग करने के लिए इस फ़िल्म मैं बच्चों की तस्करी करने का प्रसंग शामिल किया है लेकिन बाय इसको सचमुच तरीके से फिल्म की कहानी में शामिल नहीं कर पाए हैं खलनायक के तौर पर जैकी श्रॉफ का लुक फिल्म में काफी अलग है लेकिन उनका पत्र दमदार नहीं बन पाया है
वरुण धवन डीसीपी की किरदार में जान नहीं डाल पाए: वरुण ने पहली बार दक्षिण भारतीय फिल्म मकर के साथ काम करके बड़े पर्दे पर क्रिया करने की चाहत पूरी की है एक्शन करते हुए वह अच्छे लग रहे हैं लेकिन डीसीपी का रुतबा उनके व्यक्तित्व में नहीं दिखाई देता है उन्हें इमोशनल पर काम करने की जरूरत है मीरा बनी कीर्ति सुरेश के साथ उनके रोमांस में नजर नहीं आता जबकि यह मूल फिल्म की कॉपी है।

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