Manmohan Singh: मनमोहन सिंह un साउथ कमीशन के 3 साल रहे सिक्योरिटी जर्नल विकासशील देशों के लिए तैयार किया यह प्लान
Manmohan Singh: मनमोहन सिंह un साउथ कमीशन के 3 साल रहे सिक्योरिटी जर्नल विकासशील देशों के लिए तैयार किया यह प्लान: ग्लोबल साउथ मनमोहन सिंह 1987 से 1990 तक साउथ कमिशन की सिक्योरिटी जनरल थे इस संस्था का काम दुनिया के विकासशील देश की गरीबी दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नीतियां बनाना था।
विकासशील देश की गरीबी दूर करने की नीतियों के भी रचनाकार दरअसल मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार बनने से पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के एक मिशन को लीड कर रहे थे जिनेवा स्थित इस मिशन का नाम साउथ कमीशन था मनमोहन सिंह 1887 से 1990 तक इसकी सिक्योरिटी जनरल थे इस संस्था का नाम दुनिया के विकासशील देश की स्थिति का इस दौरान गहन अध्ययन किया भारत की विकास की चुनौतियों के बारे में भी उनकी गहरी समझ यहीं से विकसित हुई साउथ कमिशन ही आगे चलकर कॉरपोरेशन के रूप में विकसित हुआ जिससे ग्लोबल साउथ के डेवलपमेंट एजेंट को लेकर एक नई बहस शुरू हुई।
UNCTAD मैं कर चुकी थे काम साउथ कमिशन को लीड करने से पहले भी मनमोहन सिंह अंतर्राष्ट्रीय संस्था काम कर चुके थे और इस दौरान उनको काम करने का अच्छा अनुभव हासिल हो चुका था उन्होंने दुनिया की ट्रेड इकोनॉमिस्ट सिडनी डेल की आग्रह पर UNCTAD यानी यूनाइटेड नेशनल कांफ्रेंस ओं ट्रेड एंड डेवलपमेंट को ज्वाइन किया था 20 संयुक्त राष्ट्र संघ के ट्रेड फाइनेंस क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे थे इस दौरान उन्होंने नजदीक से देखा की दुनिया के देशों के बीच कारोबारी बाधा दूर करने से किस तरह विकास का रास्ता मजबूत होता है।
अमेरिका के साथ परमाणु समझौता
साल 2004 में जब डॉक्टर मनमोहन सिंह ने अटल बिहारी वाजपेई के बाद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेवारी संभाली तो विदेश नीति पर उनका विशेष फोकस रहा पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद से भारत की विदेश नीति जिस दिशा में आगे बड़ी थी मनमोहन सिंह ने भी उसे इस दिशा में जारी रखा और भारत को एक जिम्मेदार परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में स्थापित किया यही वजह रही की भारत और अमेरिका के बीच आसियान परमाणु समझौता हुआ साथ ही मनमोहन सिंह के कार्यकाल मैं ही भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से क्लीन चैट मिल गई एसजी से मंजूरी प्राप्त करना भारत की इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था।
मनमोहन सिंह का निधन: 92 साल की उम्र में निधन 7 दिन का राष्ट्रीय शोक राहुल बोल मैंने अपना गुरु खो दिया
पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया बी 92 साल की थी पूर्व प्रधानमंत्री लंबे समय से बीमार थे घर पर बेहोश होने के बाद उन्हें रात 8:06 पर दिल्ली एम्स में लाया गया हॉस्पिटल खबरों के अनुसार उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था जहां रात 9:51 मिनट पर उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा
मनमोहन सिंह 2004 में देश की 14वें प्रधानमंत्री बने थे उन्होंने मैं 2014 तक इस पद पर दो कार्यकाल पूरे किये थे वह देश की पहले सिख और सबसे लंबे समय तक रहने वले चौथे प्रधानमंत्री थे मनमोहन सिंह के निधन के चलते केंद्र सरकार ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक किया है सुबह 11:00 कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खादी बेलगावी से दिन रात दिल्ली पहुंचने के बाद सीधे मनमोहन सिंह की आवास गए थे राहुल गांधी ने X पर लिखा मैंने अपना मार्गदर्शक और गुरु को खो दिया

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